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लखनऊ में महंगाई की मार : नगर निगम ने 40 लाख आबादी पर बढ़ाया खर्च का बोझ

 लखनऊ में महंगाई की मार : नगर निगम ने 40 लाख आबादी पर बढ़ाया खर्च का बोझ
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लखनऊ : नगर निगम ने शहर की करीब 40 लाख आबादी पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ डाल दिया है। मंगलवार को हुई नगर निगम सदन की बैठक में होटल , रेस्टोरेंट , नर्सिंग होम और पैथोलॉजी समेत 10 तरह के प्रतिष्ठानों के लाइसेंस शुल्क में दो से तीन गुना तक की बढ़ोतरी को मंजूरी दे दी गई। इस फैसले के लागू होने के बाद शहर में रहना, खाना और इलाज कराना महंगा हो जाएगा।

नगर निगम के इस निर्णय के तहत होटल , रेस्टोरेंट , नर्सिंग होम , प्रसूति गृह और पैथोलॉजी लैब के लाइसेंस शुल्क में दो गुना तक की वृद्धि की गई है। यह नई दरें एक अप्रैल से लागू होंगी। नगर निगम अधिकारियों के अनुसार , इन प्रतिष्ठानों के लाइसेंस शुल्क बढ़ाने का प्रस्ताव करीब डेढ़ साल पहले सदन से पास हो चुका था , लेकिन राजनीतिक दबाव के चलते अब तक इसे लागू नहीं किया जा सका था। अब इसे अमल में लाया जा रहा है।

जानकारों का कहना है कि नगर निगम पिछले करीब 20 वर्षों से लाइसेंस जारी कर रहा है , लेकिन शुल्क में यह पहली बड़ी बढ़ोतरी है। इससे नगर निगम की लाइसेंस शुल्क से होने वाली सालाना आय लगभग पांच करोड़ रुपये से बढ़कर 10 करोड़ रुपये तक पहुंचने की उम्मीद है। हालांकि , इसका सीधा असर आम जनता पर पड़ेगा क्योंकि होटल , रेस्टोरेंट और स्वास्थ्य सेवाओं से जुड़े प्रतिष्ठान बढ़ी हुई लागत का बोझ ग्राहकों पर डाल सकते हैं।

इसके अलावा नगर निगम ने अपने 12 कल्याण मंडपों और सामुदायिक केंद्रों के किराये में भी 40 प्रतिशत की वृद्धि कर दी है। ये कल्याण मंडप अब तक आम लोगों के लिए किफायती विकल्प माने जाते थे , जहां कम खर्च में विवाह और अन्य सामाजिक आयोजन किए जा सकते थे। अच्छी लोकेशन और सुविधाओं के कारण इनकी मांग हमेशा बनी रहती है।

महानगर स्थित कल्याण मंडप की बात करें तो यहां करीब 30 हजार वर्ग फीट का खुला लॉन , वातानुकूलित कमरे और पार्ट में बुकिंग की सुविधा उपलब्ध है। यही वजह है कि लोग इसकी एडवांस बुकिंग एक से डेढ़ साल पहले तक कराने आते हैं , हालांकि चार महीने से पहले की बुकिंग नहीं ली जाती। अब किराया बढ़ने से वैवाहिक आयोजनों का खर्च भी काफी बढ़ जाएगा।

वहीं , नगर निगम की ओर से जिम , स्पा सेंटर , कोचिंग सेंटर , शोरूम और अन्य 20 तरह के प्रतिष्ठानों को भी लाइसेंस शुल्क के दायरे में लाने का प्रस्ताव रखा गया था। हालांकि व्यापारियों के विरोध और भाजपा पार्षद अनुराग मिश्रा अन्नू की आपत्ति के बाद इस प्रस्ताव को फिलहाल स्थगित कर दिया गया है।

इस फैसले के बाद जिम (सामान्य और वातानुकूलित) , ब्यूटी पार्लर , कोचिंग व प्रशिक्षण संस्थान , चार्टेड एकाउंटेंट कार्यालय , स्पा सेंटर , ज्वैलरी शोरूम , कपड़ा और जूता शोरूम , स्पोर्ट्स एकेडमी , बेकरी , टी स्टाल , पेंट , फर्नीचर और बिल्डिंग मैटेरियल की दुकानों सहित कई व्यवसायों को फिलहाल राहत मिलेगी।

नगर निगम के इस निर्णय को लेकर शहर में मिली-जुली प्रतिक्रिया देखने को मिल रही है। जहां निगम इसे राजस्व बढ़ाने की दिशा में जरूरी कदम बता रहा है , वहीं आम नागरिक और व्यापारी इसे महंगाई बढ़ाने वाला फैसला मान रहे हैं। – Report by : वंशिका माहेश्वरी 

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