UN मंच पर भारत ने लगाई पाकिस्तान को लताड़ , झूठे दावे बेनकाब
संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (UNSC) में भारत ने पाकिस्तान को एक बार फिर कड़ा संदेश दिया है। ऑपरेशन सिंदूर को लेकर पाकिस्तान द्वारा किए जा रहे झूठे और भ्रामक दावों पर भारत ने तथ्यों के साथ जवाब देते हुए उसकी पोल खोलकर रख दी। संयुक्त राष्ट्र में भारत के स्थायी प्रतिनिधि पर्वतनेनी हरीश ने पाकिस्तानी प्रतिनिधि पर ऑपरेशन सिंदूर को लेकर गलत जानकारी फैलाने और अंतरराष्ट्रीय मंच का दुरुपयोग करने का आरोप लगाया।
पर्वतनेनी हरीश ने कहा कि पाकिस्तान ने पिछले साल मई में ऑपरेशन सिंदूर को लेकर जो विवरण पेश किया , वह पूरी तरह तथ्यहीन और गुमराह करने वाला था। उन्होंने पाकिस्तान को कानून के शासन का सम्मान करने की नसीहत दी और कहा कि अंतरराष्ट्रीय समुदाय को सच्चाई से अवगत कराना भारत की जिम्मेदारी है।
भारतीय प्रतिनिधि ने पहलगाम आतंकी हमले का जिक्र करते हुए कहा कि अप्रैल 2025 में पाकिस्तान समर्थित आतंकवादियों ने जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में एक बर्बर हमला किया था , जिसमें 26 निर्दोष नागरिकों की जान चली गई। उन्होंने याद दिलाया कि इस जघन्य आतंकी कृत्य की संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद ने भी कड़ी निंदा की थी और दोषियों को जवाबदेह ठहराने की मांग की थी। हरीश ने कहा कि भारत ने ठीक वही किया जिसकी अपेक्षा अंतरराष्ट्रीय समुदाय ने की थी।
उन्होंने स्पष्ट किया कि ऑपरेशन सिंदूर पूरी तरह सोच-समझकर , जिम्मेदारी के साथ और तनाव को बढ़ाए बिना अंजाम दिया गया। इस कार्रवाई का उद्देश्य केवल आतंकवादी ढांचे को नष्ट करना और आतंकियों को निष्क्रिय करना था , न कि किसी आम नागरिक या देश को नुकसान पहुंचाना।
पर्वतनेनी हरीश ने पाकिस्तान के तथाकथित ‘ विजय ’ के दावों को भी सिरे से खारिज किया। उन्होंने बताया कि 9 मई तक पाकिस्तान भारत पर हमलों की धमकियां दे रहा था , लेकिन 10 मई को हालात पूरी तरह बदल गए। पाकिस्तानी सेना ने खुद भारतीय सेना को सीधे फोन कर संघर्ष रोकने की गुहार लगाई थी।
भारतीय प्रतिनिधि ने कहा कि भारतीय कार्रवाई में पाकिस्तान के कई एयरबेस को भारी नुकसान पहुंचा। नष्ट रनवे और जले हुए हैंगर की तस्वीरें सार्वजनिक डोमेन में उपलब्ध हैं , जो पाकिस्तान के दावों की सच्चाई बयां करती हैं।
पाकिस्तान द्वारा आतंकवाद को ‘ न्यू नॉर्मल ’ बनाने की कोशिशों पर तीखी प्रतिक्रिया देते हुए हरीश ने कहा कि आतंकवाद को कभी भी सामान्य नहीं माना जा सकता। उन्होंने कहा , “ पाकिस्तान के प्रतिनिधि से ‘ न्यू नॉर्मल ’ शब्द सुनना बेहद चिंताजनक है। आतंकवाद को वैध ठहराने की कोई भी कोशिश अस्वीकार्य है। ”
जम्मू-कश्मीर मुद्दे पर भारत का रुख दोहराते हुए हरीश ने कहा कि इस्लामाबाद को भारत के आंतरिक मामलों पर टिप्पणी करने का कोई अधिकार नहीं है। उन्होंने दो टूक कहा कि जम्मू और कश्मीर भारत का अभिन्न और अटूट हिस्सा रहा है , है और हमेशा रहेगा।
सिंधु जल संधि के निलंबन पर भी भारत ने अपना पक्ष स्पष्ट किया। हरीश ने कहा कि भारत ने 65 वर्ष पहले सद्भावना के तहत यह संधि की थी , लेकिन पाकिस्तान ने युद्धों और आतंकी हमलों के जरिए इसकी भावना का बार-बार उल्लंघन किया। तीन युद्ध और हजारों आतंकी हमलों में हजारों भारतीयों की जान ग ई, जिसके चलते भारत को मजबूरन यह फैसला लेना पड़ा।
उन्होंने कहा कि जब तक पाकिस्तान सीमा पार आतंकवाद और उसके हर रूप का समर्थन विश्वसनीय और अपरिवर्तनीय रूप से समाप्त नहीं करता , तब तक सिंधु जल संधि निलंबित रहेगी। – Report by : वंशिका माहेश्वरी



