पहली बार मतदान को उत्सव की तरह मनाएं : पीएम
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राष्ट्रीय मतदाता दिवस के अवसर पर देशवासियों को हार्दिक शुभकामनाएं दीं और लोकतंत्र में मतदाता की भूमिका को बेहद महत्वपूर्ण बताया। उन्होंने कहा कि मतदाता बनना केवल एक संवैधानिक अधिकार नहीं , बल्कि एक बड़ी जिम्मेदारी भी है। इस मौके पर प्रधानमंत्री ने ‘ माई भारत ’ (MY-Bharat) के स्वयंसेवकों को संबोधित करते हुए एक विशेष पत्र लिखा , जिसे उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर साझा किया।
प्रधानमंत्री ने अपने संदेश की शुरुआत करते हुए लिखा कि राष्ट्रीय मतदाता दिवस की वह देशवासियों , उनके परिवारजनों और मित्रों को शुभकामनाएं देते हैं। एक नागरिक के रूप में देशवासियों से जुड़कर उन्हें अत्यंत खुशी होती है और उन्हें भारतीय लोकतंत्र पर गर्व है। उन्होंने कहा कि भारत को दुनिया का सबसे बड़ा लोकतंत्र कहा जाता है और यह बात पूरी तरह सही भी है। साथ ही यह भी गर्व का विषय है कि भारत लोकतंत्र की जननी है , जहां लोकतांत्रिक मूल्यों का इतिहास सदियों पुराना रहा है।
पीएम मोदी ने कहा कि लोकतंत्र , बहस और संवाद भारत की संस्कृति में रचे-बसे हैं। उन्होंने याद दिलाया कि देश में आम चुनावों की शुरुआत वर्ष 1951 में हुई थी और इस वर्ष भारत में आम चुनावों के 75 वर्ष पूरे हो रहे हैं। 1952 में संपन्न हुए पहले आम चुनाव ने दुनिया को यह संदेश दिया कि लोकतांत्रिक भावना भारतीयों के स्वभाव में गहराई से समाहित है।
प्रधानमंत्री ने मतदाता की भूमिका पर जोर देते हुए कहा कि लोकतंत्र में मतदाता होना एक विशेषाधिकार होने के साथ-साथ बड़ी जिम्मेदारी भी है। मतदान एक संवैधानिक अधिकार है , जो देश के भविष्य में नागरिकों की भागीदारी का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि मतदाता देश का भाग्यविधाता होता है और मतदान के समय उंगली पर लगने वाली अमिट स्याही इस बात का प्रतीक है कि भारतीय लोकतंत्र जीवंत और सशक्त है।
पीएम मोदी ने युवाओं को विशेष रूप से संबोधित करते हुए कहा कि देश में कई युवा ऐसे हैं , जो पहली बार मतदाता बन रहे हैं और यह उनके जीवन का एक महत्वपूर्ण क्षण है। उन्होंने आग्रह किया कि जब कोई युवा पहली बार वोटर बने , तो उस खुशी को उत्सव की तरह मनाया जाना चाहिए। उन्होंने सुझाव दिया कि घर , मोहल्ले या अपार्टमेंट में मिठाई बांटकर इस अवसर को मनाया जा सकता है।
प्रधानमंत्री ने स्कूलों और कॉलेजों की भूमिका को भी अहम बताया और कहा कि शैक्षणिक संस्थान लोकतांत्रिक मूल्यों को मजबूत करने में नर्सरी की तरह काम करते हैं। उन्होंने अपील की कि स्कूल और कॉलेज पहली बार मतदाता बनने वाले छात्रों के लिए सम्मान समारोह आयोजित करें , ताकि उन्हें अपनी जिम्मेदारी का महत्व समझ में आए।
उन्होंने यह भी कहा कि हर साल 25 जनवरी को मनाया जाने वाला राष्ट्रीय मतदाता दिवस इन गतिविधियों के लिए उपयुक्त अवसर है। प्रधानमंत्री ने देश के चुनाव प्रबंधन की सराहना करते हुए कहा कि इतने बड़े पैमाने पर चुनाव कराना दुनिया के लिए एक बड़ी उपलब्धि है और भारत के लिए यह लोकतंत्र का भव्य उत्सव है।
पीएम मोदी ने नारी शक्ति , विशेषकर युवा महिलाओं की भागीदारी को समावेशी लोकतंत्र के लिए बेहद जरूरी बताया। साथ ही उन्होंने युवाओं से ‘मेरा युवा भारत’ यानी MY-Bharat प्लेटफॉर्म से जुड़ने की अपील की। अंत में उन्होंने संकल्प लेने का आह्वान किया कि सभी मिलकर लोकतंत्र को और सशक्त बनाएंगे , जिससे एक विकसित , समावेशी और आत्मनिर्भर भारत का सपना साकार हो सके। – Report by : वंशिका माहेश्वरी



