डॉक्टर बनने की सनक , MBBS एडमिशन के लिए छात्र ने काटा अपना पैर
उत्तर प्रदेश के जौनपुर जिले से एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है , जहां डॉक्टर बनने की दीवानगी एक छात्र के लिए जानलेवा साबित हो गई। एमबीबीएस में दिव्यांग कोटा से दाखिला पाने की चाह में एक छात्र ने कथित तौर पर खुद ही अपने पैर का पंजा काट लिया। यह घटना सामने आने के बाद पूरे इलाके में हड़कंप मच गया। हालांकि , पुलिस जांच में छात्र की यह साजिश उजागर हो गई और अब मामले में आगे की विधिक कार्रवाई की जा रही है।
यह मामला लाइन बाजार थाना क्षेत्र के खलीलपुर गांव का है। यहां रहने वाले सूरज भास्कर (उम्र लगभग 24-25 वर्ष) डॉक्टर बनने का सपना देख रहे थे। बताया जा रहा है कि सूरज इससे पहले राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा (NEET) में दो बार असफल हो चुका था। परीक्षा में लगातार असफलता के बाद उसने एमबीबीएस में प्रवेश पाने के लिए गलत रास्ता अपनाने का फैसला किया।
घटना की जानकारी 18 जनवरी की सुबह तब सामने आई , जब सूरज के भाई आकाश भास्कर ने पुलिस को सूचना दी। उन्होंने शिकायत में बताया कि 17 जनवरी की देर रात कुछ अज्ञात लोगों ने उनके निर्माणाधीन मकान में घुसकर सूरज के साथ मारपीट की और उसका पैर काट दिया। शिकायत के आधार पर पुलिस ने तुरंत मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी।
मामले की गंभीरता को देखते हुए अपर पुलिस अधीक्षक (नगर) आयुष श्रीवास्तव ने जांच की जिम्मेदारी नगर क्षेत्र के सीओ गोल्डी गुप्ता को सौंपी। गहन जांच के दौरान पुलिस को सूरज के बयान में कई विरोधाभास और असंगतियां नजर आईं , जिससे पुलिस का शक गहराने लगा।
पुलिस ने जब सूरज के मोबाइल फोन की जांच की , तो उसमें एक युवती का संपर्क नंबर मिला। उस नंबर से बातचीत के बाद पुलिस को अहम जानकारियां मिलीं। इसके अलावा , सूरज की डायरी से भी एक महत्वपूर्ण सुराग हाथ लगा , जिसमें उसने लिखा था कि वह वर्ष 2026 में एमबीबीएस डॉक्टर बनकर रहेगा। इन सब तथ्यों के आधार पर पुलिस ने जांच का दायरा और बढ़ा दिया।
जांच में यह खुलासा हुआ कि सूरज ने नीट परीक्षा में दो बार असफल होने के बाद एमबीबीएस में दिव्यांग आरक्षण कोटे का लाभ उठाने की योजना बनाई थी। इसी योजना के तहत उसने खुद ही अपने पैर के पंजे को काट लिया और इसे हमले का रूप देने की कोशिश की। पुलिस के अनुसार , उसने पूरी घटना की झूठी कहानी गढ़ी थी।
लाइन बाजार थाना प्रभारी सतीश सिंह ने बताया कि फिलहाल सूरज का इलाज पार्थ अस्पताल में चल रहा है। पुलिस ने स्पष्ट किया है कि मामले की सभी पहलुओं से जांच की जा रही है और जांच पूरी होने के बाद अग्रिम विधिक कार्रवाई की जाएगी।
यह घटना एक बार फिर यह सवाल खड़ा करती है कि प्रतिस्पर्धी परीक्षाओं और करियर के दबाव में युवा किस हद तक गलत कदम उठा सकते हैं। पुलिस मामले की जांच कर रही है और आगे की कार्रवाई जल्द की जाएगी। – Report by : वंशिका माहेश्वरी



