अमेरिका में 8000 से ज्यादा उड़ानें रद्द , हवाई यात्रा ठप
अमेरिका इस समय इतिहास के सबसे बड़े सर्दी संकट का सामना कर रहा है। अचानक आए भीषण सर्दी के तूफान और हिमयुग जैसी ठंड की आशंका के चलते सप्ताहांत में 8,000 से अधिक उड़ानें रद्द कर दी गईं , जिससे पूरे देश में हाहाकार मच गया है। हजारों यात्री फंसे हुए हैं और जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हुआ है। हालात की गंभीरता को देखते हुए अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने पूरे देश को आपातकालीन स्थिति के लिए तैयार रहने का निर्देश दिया है और राष्ट्रीय स्तर पर अलर्ट जारी किया गया है।
राष्ट्रपति ट्रंप ने एक दिन पहले ही इस संभावित आपदा को लेकर चेतावनी दी थी। उन्होंने बताया था कि अमेरिका के 40 से अधिक राज्य भीषण हिमयुग जैसी ठंड की चपेट में आ सकते हैं , जहां तापमान माइनस 40 डिग्री सेल्सियस तक गिरने की आशंका है। कई राज्यों में पहले ही भारी बर्फबारी और ओले गिरने शुरू हो चुके हैं, जबकि एक विशाल सर्दी का तूफान देश के बड़े हिस्से की ओर तेजी से बढ़ रहा है।
राष्ट्रीय मौसम सेवा के अनुसार , न्यू मैक्सिको से न्यू इंग्लैंड तक करीब 14 करोड़ लोगों के लिए सर्दी के तूफान की चेतावनी जारी की गई है। पूर्वी टेक्सास से लेकर उत्तरी कैरोलिना तक भारी बर्फबारी और विनाशकारी बर्फीली बारिश की संभावना जताई गई है। मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि कुछ इलाकों में तूफान जैसी तबाही देखने को मिल सकती है , जिससे बिजली आपूर्ति ठप होने और प्रमुख सड़कों के बंद होने का खतरा है।
फ्लाइट ट्रैकिंग वेबसाइट FlightAware के मुताबिक , शनिवार को 3,400 से अधिक उड़ानें रद्द या विलंबित हुईं, जबकि रविवार के लिए 5,000 से ज्यादा उड़ानें पहले ही रद्द कर दी गई थीं। कई यात्रियों को वैकल्पिक मार्गों से यात्रा करनी पड़ी। नेब्रास्का की एंजेला एक्सस्ट्रॉम ने बताया कि ह्यूस्टन से उनकी उड़ान रद्द होने के बाद उन्हें लॉस एंजिल्स के रास्ते घर लौटना पड़ा।
स्थिति को देखते हुए एक दर्जन से अधिक राज्यों के गवर्नरों ने आपात चेतावनी जारी की है। कई राज्यों में इमरजेंसी घोषित कर दी गई है और लोगों से घरों में रहने की अपील की गई है। टेक्सास के गवर्नर ग्रेग एबॉट ने कहा कि सड़कों पर पहले से उपचार किया जा रहा है और नागरिकों को अनावश्यक यात्रा से बचने की सलाह दी गई है।
मिडवेस्ट के कई इलाकों में हवा की ठंडक माइनस 40 डिग्री तक पहुंच गई है , जिससे महज 10 मिनट में फ्रॉस्टबाइट का खतरा पैदा हो सकता है। बिस्मार्क , नॉर्थ डकोटा जैसे इलाकों में लोग कई परतों वाले कपड़े पहनकर ही बाहर निकल पा रहे हैं। चर्चों ने प्रार्थनाएं ऑनलाइन कर दी हैं, स्कूल-कॉलेज बंद कर दिए गए हैं और कई सार्वजनिक कार्यक्रम रद्द कर दिए गए हैं।
संघीय सरकार ने संभावित खतरे को देखते हुए करीब 30 खोज और बचाव टीमों को स्टैंडबाय पर रखा है। फेडरल इमरजेंसी मैनेजमेंट एजेंसी (FEMA) के अनुसार , प्रभावित क्षेत्रों के लिए 70 लाख लोगों का भोजन , 6 लाख कंबल और 300 जनरेटर पहले से तैयार रखे गए हैं। राष्ट्रपति ट्रंप ने भरोसा दिलाया है कि उनकी सरकार राज्य और स्थानीय प्रशासन के साथ मिलकर स्थिति से निपटने के लिए पूरी तरह तैयार है।
विशेषज्ञों के अनुसार , तूफान गुजरने के बाद भी हालात सामान्य होने में समय लगेगा, क्योंकि भारी बर्फ बिजली की लाइनों और पेड़ों पर भारी दबाव डालेगी , जिससे लंबे समय तक बिजली आपूर्ति बाधित रह सकती है। अमेरिका इस वक्त भीषण ठंड के अभूतपूर्व संकट से जूझ रहा है। – Report by : वंशिका माहेश्वरी



