सुप्रीम कोर्ट का आदेश : करिश्मा कपूर को पेश करने होंगे तलाक के दस्तावेज
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shoshit-vanchit-media- January 16, 2026
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उद्योगपति संजय कपूर के निधन के बाद उनकी अरबों रुपये की संपत्ति को लेकर चल रहा विवाद अब और गहरा गया है। यह हाई-प्रोफाइल कानूनी लड़ाई अब सुप्रीम कोर्ट तक पहुंच चुकी है। ताजा घटनाक्रम में संजय कपूर की तीसरी पत्नी प्रिया कपूर ने भारत के सर्वोच्च न्यायालय का रुख करते हुए संजय कपूर और बॉलीवुड अभिनेत्री करिश्मा कपूर के बीच वर्ष 2016 में हुए तलाक से जुड़े गोपनीय दस्तावेजों की मांग की है। इस याचिका के बाद सुप्रीम कोर्ट ने करिश्मा कपूर को तलाक से संबंधित कागजात पेश करने का निर्देश दिया है।
ANI की रिपोर्ट के अनुसार , प्रिया कपूर ने सुप्रीम कोर्ट में दायर अपनी याचिका में तलाक की कार्यवाही से जुड़े सभी दस्तावेजों की सर्टिफाइड कॉपी मांगी है। यह मामला जस्टिस ए. एस. चंदुरकर की अध्यक्षता वाली पीठ के समक्ष सुना जाएगा। अदालत ने स्पष्ट किया है कि करिश्मा कपूर को अपने तलाक के दस्तावेज कोर्ट में पेश करने होंगे।
क्यों जरूरी बताए जा रहे हैं तलाक के पेपर
प्रिया कपूर का कहना है कि ये दस्तावेज पूर्व दंपति के बीच हुए वित्तीय समझौते और बच्चों की कस्टडी व्यवस्था को सत्यापित करने के लिए जरूरी हैं। उनका दावा है कि यह जानकारी संजय कपूर की विरासत से जुड़े मौजूदा विवाद में अहम भूमिका निभा सकती है। गौरतलब है कि यह मामला पहले ही जाली वसीयत , डिजिटल सबूतों में गड़बड़ी , मेटाडेटा में विसंगतियों और व्हाट्सएप चैट्स जैसे गंभीर आरोपों से जुड़ा हुआ है।
बच्चों ने उठाए वसीयत पर सवाल
संजय कपूर और करिश्मा कपूर के बच्चों समायरा कपूर और कियान कपूर ने अपने पिता की कथित वसीयत की प्रामाणिकता को चुनौती दी है। बच्चों का आरोप है कि प्रिया कपूर द्वारा दिल्ली हाई कोर्ट में पेश किए गए डिजिटल रिकॉर्ड में कई गंभीर विसंगतियां हैं। उनका दावा है कि 21 मार्च 2025 , जिस दिन विवादित वसीयत पर हस्ताक्षर होने की बात कही गई , उस दिन प्रिया कपूर का मोबाइल लोकेशन नई दिल्ली दिखा रहा था, जबकि उन्होंने अपने हलफनामे में खुद को गुरुग्राम में मौजूद बताया था।
बच्चों ने यह भी दावा किया है कि उसी दिन संजय कपूर भी दिल्ली में थे , न कि गुरुग्राम में , जैसा कि वसीयत के दस्तावेजों में दर्शाया गया है। इसके अलावा , यह भी सामने आया है कि उसी दिन करिश्मा कपूर बच्चों की पुर्तगाली नागरिकता को लेकर संजय कपूर से व्हाट्सएप के जरिए संपर्क में थीं , जिससे उस दिन की गतिविधियों को लेकर और सवाल खड़े हो गए हैं।
जाली वसीयत के आरोप और आपराधिक कार्यवाही की मांग
NDTV की रिपोर्ट के अनुसार , संजय कपूर के बच्चों ने प्रिया कपूर के खिलाफ आपराधिक कार्यवाही शुरू करने की मांग की है। उन्होंने अदालत से भारतीय न्याय संहिता की धारा 338 और 340 लागू करने का अनुरोध किया है। बच्चों का आरोप है कि उन्हें उनकी वैध विरासत से वंचित करने के लिए एक जाली और मनगढ़ंत वसीयत तैयार की गई।
बच्चों की ओर से पेश वरिष्ठ वकील महेश जेठमलानी ने अदालत को बताया कि वसीयत से जुड़े दस्तावेजों के मेटाडेटा से संकेत मिलता है कि इसे संजय कपूर के कंप्यूटर पर नहीं , बल्कि किसी अन्य कंप्यूटर पर तैयार और संशोधित किया गया था। दस्तावेज में गलत पते , नामों की गलत वर्तनी और संपत्ति विवरणों की कमी जैसी त्रुटियां भी बताई गई हैं।
30 हजार करोड़ की संपत्ति और बढ़ता विवाद
उल्लेखनीय है कि संजय कपूर का 12 जून 2025 को इंग्लैंड में एक पोलो मैच के दौरान कथित तौर पर दिल का दौरा पड़ने से निधन हो गया था। वह अपने पीछे करीब 30,000 करोड़ रुपये की संपत्ति छोड़ गए , जिसमें सोना कॉमस्टार और अन्य व्यावसायिक उपक्रमों में बड़ी हिस्सेदारी शामिल है। उनकी मौत के बाद परिवार के सदस्य – तीसरी पत्नी प्रिया कपूर , करिश्मा कपूर के साथ उनके बच्चे , मां रानी कपूर और बहन – एक जटिल कानूनी लड़ाई में उलझ गए हैं।
अब जब मामला सुप्रीम कोर्ट तक पहुंच चुका है , यह साफ है कि संजय कपूर की विरासत को लेकर यह विवाद फिलहाल थमता नजर नहीं आ रहा है। – Report by : वंशिका माहेश्वरी



