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गुरुग्राम में मां के पास क्यों रखीं ट्रॉफियां ? कोहली ने बताई वजह

 गुरुग्राम में मां के पास क्यों रखीं ट्रॉफियां ? कोहली ने बताई वजह
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भारतीय क्रिकेट टीम के 37 वर्षीय स्टार बल्लेबाज़ विराट कोहली ने एक बार फिर इतिहास रच दिया है। न्यूजीलैंड के खिलाफ पहले वनडे मुकाबले में कोहली ने अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट के तीनों प्रारूपों (टेस्ट, वनडे और टी20) में सबसे तेज़ 28,000 रन पूरे कर लिए। उन्होंने यह मुकाम अपनी 624वीं पारी में हासिल किया , जो अपने आप में एक नया रिकॉर्ड है। इससे पहले यह उपलब्धि महान बल्लेबाज़ सचिन तेंदुलकर के नाम थी , जिन्होंने 644 पारियों में यह आंकड़ा छुआ था।

कोहली ने यह ऐतिहासिक रन लेग स्पिनर आदित्य अशोक की गेंद पर चौका लगाकर पूरे किए। इस उपलब्धि के साथ ही वह सचिन तेंदुलकर के बाद अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में दूसरे सबसे ज़्यादा रन बनाने वाले खिलाड़ी भी बन गए हैं। यह उपलब्धि उनके लंबे और अनुशासित करियर की निरंतरता को दर्शाती है।

मैच में विराट कोहली ने 91 गेंदों में 93 रन की शानदार पारी खेली और भारत की जीत में अहम भूमिका निभाई। उनकी इस पारी के लिए उन्हें करियर में 45वीं बार ‘ प्लेयर ऑफ द मैच ’ चुना गया। मैच के बाद कोहली ने अपने करियर और उपलब्धियों को लेकर बेहद भावुक और विनम्र प्रतिक्रिया दी।

कोहली ने कहा , “ ईमानदारी से कहूं तो अगर मैं अपने पूरे सफर को देखूं , तो यह किसी सपने के सच होने से कम नहीं है। जब मैं टीम में आया था , तब मुझे हमेशा अपनी क्षमताओं पर भरोसा था। आज जिस मुकाम पर हूं , वहां पहुंचने के लिए मैंने बहुत मेहनत की है। ”

उन्होंने आगे कहा कि भगवान ने उन्हें जीवन और करियर में बहुत कुछ दिया है, जिसके लिए वह केवल आभार महसूस करते हैं। “ मेरे पास शिकायत करने के लिए कुछ नहीं है। मैं अपने पूरे सफर को बहुत सम्मान और दिल में आभार के साथ देखता हूं और मुझे इस पर गर्व है , ” कोहली ने कहा।

इतना ही नहीं , विराट कोहली ने अपने निजी जीवन की भी एक झलक साझा की। उन्होंने बताया कि अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में लगभग 18 साल के करियर के दौरान उन्हें मिले सभी व्यक्तिगत अवॉर्ड्स और ‘ प्लेयर ऑफ द मैच ’ ट्रॉफियां वह अपनी मां के गुरुग्राम स्थित घर भेज देते हैं। उन्होंने स्वीकार किया कि वह खुद इन ट्रॉफियों का कोई हिसाब नहीं रखते।

जब उनसे उनके बढ़ते अवॉर्ड कलेक्शन को लेकर पूछा गया, तो उन्होंने मुस्कुराते हुए कहा , “ सच कहूं तो मुझे कोई अंदाजा नहीं है। मैं उन्हें गुरुग्राम में अपनी मां को भेज देता हूं। उन्हें इन चीज़ों को संभालकर रखना पसंद है। ”

अपनी पारी और रणनीति को लेकर कोहली ने कहा कि वह इस समय रिकॉर्ड्स या उपलब्धियों के बारे में नहीं सोचते। उन्होंने कहा , “ अगर हम पहले बल्लेबाज़ी कर रहे होते तो शायद मैं और तेज़ खेलता , लेकिन लक्ष्य का पीछा करते समय मुझे संतुलन बनाए रखना पड़ा |” 

रोहित शर्मा के जल्दी आउट होने के बाद साझेदारी पर बात करते हुए कोहली ने कहा कि शुरुआती गेंदों पर दबाव बनाकर विपक्षी टीम को बैकफुट पर ले जाना ही उनकी योजना थी , जो मैच में निर्णायक साबित हुई।

विराट कोहली का यह रिकॉर्ड और उनका विनम्र स्वभाव एक बार फिर साबित करता है कि वह न सिर्फ मैदान पर , बल्कि मैदान के बाहर भी करोड़ों लोगों के लिए प्रेरणा हैं। Report by : वंशिका माहेश्वरी 

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