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अमेरिका का घातक जहाज , दुश्मनों के लिए बनेगा काल

 अमेरिका का घातक जहाज , दुश्मनों के लिए बनेगा काल
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वॉशिंगटन : अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने नेवी के लिए एक नया और अत्याधुनिक जंगी जहाज बनाने की योजना का ऐलान किया है। ट्रंप इसे बैटलशिप कह रहे हैं और यह उनके “ गोल्डन फ्लीट ” विजन का हिस्सा है। उन्होंने दावा किया कि यह जहाज अब तक बनी किसी भी बैटलशिप से 100 गुना अधिक शक्तिशाली होगा।

ट्रंप ने बताया कि इस श्रेणी का पहला जहाज USS डिफिएंट कहलाएगा। यह जहाज दूसरे विश्व युद्ध की आयोवा – क्लास बैटलशिप से लंबा और बड़ा होगा , लेकिन वजन में लगभग आधा यानी 35,000 टन होगा। इसमें कम क्रू होंगे और इसके मुख्य हथियार हाइपरसोनिक मिसाइल , न्यूक्लियर क्रूज मिसाइल , रेल गन और हाई – पावर्ड लेजर होंगे। ट्रंप के अनुसार ये सभी तकनीकें नेवी के विकास के अलग – अलग चरणों में हैं।

गोल्डन फ्लीट के लिए बनाई गई नई वेबसाइट के अनुसार , यह नया “ गाइडेड मिसाइल बैटलशिप ” आकार में आयोवा – क्लास के लगभग बराबर होगा , लेकिन इसका फोकस मिसाइल आधारित हथियारों पर रहेगा , न कि पारंपरिक बड़ी तोपों पर।

एक अमेरिकी अधिकारी ने बताया कि जहाज का डिजाइन कार्य अब चल रहा है और 2030 के दशक की शुरुआत में कंस्ट्रक्शन शुरू करने की योजना है। यह ऐलान ऐसे समय में किया गया है जब नेवी ने हाल ही में एक छोटे युद्धपोत की परियोजना रद्द कर दी थी। इसके बजाय कोस्ट गार्ड के कटर का मॉडिफाइड वर्जन चुना गया।

नेवी को नई तकनीकों को जहाज पर लागू करने में भी चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है। उदाहरण के लिए , रेल गन को जहाज पर लगाने का प्रयास लगभग 15 साल और सैकड़ों मिलियन डॉलर खर्च करने के बाद 2021 में बंद कर दिया गया था। लेजर तकनीक में कुछ सफलता मिली है , लेकिन इसका इस्तेमाल अब भी सीमित है। वहीं , कुछ सिस्टम जैसे ड्रोन सेंसर को बेकार करने वाले उपकरण पहले से ही कुछ डिस्ट्रॉयर जहाजों पर तैनात हैं।

ट्रंप ने न्यूक्लियर क्रूज मिसाइलों की क्षमता का भी जिक्र किया , हालांकि इसे लागू करना अमेरिका – रूस नॉन – प्रोलिफरेशन संधियों के तहत संवेदनशील हो सकता है।

पारंपरिक बैटलशिप का इस्तेमाल पहले बड़े , भारी कवच वाले जहाजों के लिए किया जाता था। इन जहाजों में बड़ी तोपें होती थीं जो दूसरे जहाजों या किनारे पर ठिकानों पर हमला करने के लिए डिजाइन की जाती थीं। दूसरे विश्व युद्ध के दौरान ये जहाज काफी प्रसिद्ध थे। अमेरिका के सबसे बड़े बैटलशिप , आयोवा – क्लास , लगभग 60,000 टन के थे।

हालांकि , आधुनिक नौसैनिक बेड़े में बैटलशिप की भूमिका कम हो गई है। एयरक्राफ्ट कैरियर और लंबी दूरी की मिसाइलों के आने के बाद इनकी जरूरत घट गई। अमेरिकी नौसेना ने 1980 के दशक में चार आयोवा – क्लास बैटलशिप को आधुनिक हथियारों और राडार से लैस किया था , लेकिन 1990 के दशक तक उन्हें सेवा से हटा दिया गया।

ट्रंप के इस ऐलान ने अमेरिकी रक्षा और अंतरराष्ट्रीय नौसैनिक शक्ति में नए आयाम खोलने की उम्मीद जगा दी है। गोल्डन फ्लीट के तहत बनने वाला यह नया जहाज तकनीकी रूप से अत्याधुनिक और पहले के किसी भी युद्धपोत से कहीं अधिक शक्तिशाली होगा , जो अमेरिका की समुद्री ताकत को और मजबूत करेगा। – Report by : वंशिका माहेश्वरी

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