भारत-पाक तनाव के बीच आसिम मुनीर का बयान वायरल
इस्लामाबाद : भारत के साथ सैन्य टकराव को लेकर पाकिस्तान के रक्षा बलों के प्रमुख और फील्ड मार्शल आसिम मुनीर का एक और विवादित बयान सामने आया है , जो सोशल मीडिया और राजनीतिक हलकों में तेजी से वायरल हो रहा है। मुनीर ने दावा किया है कि मई महीने में भारत के साथ हुए सैन्य संघर्ष के दौरान पाकिस्तान को “ अल्लाह की मदद ” मिली थी। उन्होंने इसे “ रूहानी मदद ” करार देते हुए कहा कि भीषण संघर्ष के दिनों में उन्होंने इस मदद को स्पष्ट रूप से महसूस किया।
आसिम मुनीर ने यह बयान इस्लामाबाद में आयोजित नेशनल उलेमा कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए दिया। उनके भाषण की एक क्लिप रविवार को पाकिस्तानी टेलीविजन चैनलों पर प्रसारित की गई , जिसके बाद यह बयान चर्चा का विषय बन गया। मुनीर के अनुसार , 7 मई को भारत की ओर से ऑपरेशन सिंदूर शुरू किए जाने के बाद दोनों देशों के बीच तीखी झड़प हुई थी और उसी दौरान पाकिस्तान को यह “ रूहानी समर्थन ” मिला।
गौरतलब है कि ऑपरेशन सिंदूर , जम्मू – कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले के जवाब में किया गया था। इस हमले में 26 निर्दोष नागरिकों की जान गई थी। भारत ने इस आतंकी हमले के लिए पाकिस्तान समर्थित आतंकियों को जिम्मेदार ठहराया था। इसके बाद भारतीय सेना ने पाकिस्तान में मौजूद आतंकी ठिकानों को निशाना बनाते हुए ऑपरेशन सिंदूर को अंजाम दिया। इस कार्रवाई के बाद भारत और पाकिस्तान के बीच तनाव काफी बढ़ गया था और सीमावर्ती इलाकों में सैन्य टकराव की स्थिति बन गई थी।
अपने भाषण में आसिम मुनीर ने कहा , “ हमने उस रूहानी मदद को महसूस किया। ” उन्होंने भारत के हमलों के बाद हुए संघर्ष को बेहद गंभीर बताया और इसे पाकिस्तान के लिए एक बड़ी परीक्षा करार दिया। हालांकि , उन्होंने किसी भी सैन्य रणनीति या जमीनी हकीकत पर बात करने के बजाय धार्मिक संदर्भों पर ज्यादा जोर दिया।
मुनीर ने अपने संबोधन में आज के पाकिस्तान की तुलना 1,400 साल पहले अरब क्षेत्र में पैगंबर द्वारा स्थापित इस्लामी राज्य से की। उन्होंने कुरान की कई आयतों का हवाला देते हुए पाकिस्तान को इस्लामी दुनिया में एक विशेष स्थान प्राप्त देश बताया। मुस्लिम देशों का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि दुनिया में 57 इस्लामी देश हैं , लेकिन पाकिस्तान को अल्लाह ने एक अनोखा सम्मान दिया है।
मक्का और मदीना का हवाला देते हुए आसिम मुनीर ने कहा , “ अल्लाह ने हमें हरमैन शरीफैन का संरक्षक होने का सम्मान दिया है। ” उनके इस बयान को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं , क्योंकि हरमैन शरीफैन की सुरक्षा और संरक्षकता सऊदी अरब के अधीन मानी जाती है।
अपने भाषण में पाकिस्तानी सेना प्रमुख ने देश की पश्चिमी सीमा पर सुरक्षा हालात पर भी चिंता जताई। उन्होंने अफगानिस्तान की तालिबान सरकार से स्पष्ट शब्दों में कहा कि वह पाकिस्तान और तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान (TTP) में से किसी एक का चुनाव करे। मुनीर ने आरोप लगाया कि पाकिस्तान में घुसपैठ करने वाले अधिकांश आतंकवादी अफगान नागरिक हैं। उनके अनुसार , “पाकिस्तान में आने वाले टीटीपी गुटों में करीब 70 प्रतिशत सदस्य अफगान हैं। ”
इसके साथ ही मुनीर ने यह भी कहा कि किसी भी इस्लामी देश में जिहाद का ऐलान करने का अधिकार केवल राज्य को होता है , न कि किसी संगठन या समूह को। उनके इस बयान को पाकिस्तान के अंदर बढ़ते आतंकी खतरे और अंतरराष्ट्रीय दबाव के संदर्भ में देखा जा रहा है।
आसिम मुनीर का यह बयान ऐसे समय में आया है , जब पाकिस्तान पहले से ही राजनीतिक अस्थिरता , आर्थिक संकट और सुरक्षा चुनौतियों से जूझ रहा है। भारत के साथ सैन्य टकराव को “ रूहानी मदद ” से जोड़ना न सिर्फ सैन्य पेशेवरों , बल्कि अंतरराष्ट्रीय विश्लेषकों के बीच भी सवाल खड़े कर रहा है। – Report by : वंशिका माहेश्वरी



