बांग्लादेश हिंसा : हिंदू युवक की हत्या में 7 आरोपी गिरफ्तार
बांग्लादेश के मयमनसिंह जिले के वालुका इलाके में हिंदू समुदाय से जुड़े युवक दीपू चंद्र दास की बेरहमी से की गई हत्या के मामले में बड़ी कार्रवाई सामने आई है। अंतरिम सरकार के मुख्य सलाहकार मोहम्मद यूनुस ने जानकारी दी है कि इस जघन्य घटना में शामिल सात आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया है। रैपिड एक्शन बटालियन (RAB) ने विशेष अभियान चलाकर इन संदिग्धों को अलग – अलग स्थानों से हिरासत में लिया है। फिलहाल सभी आरोपियों से गहन पूछताछ जारी है और मामले की विस्तृत जांच की जा रही है।
मुख्य सलाहकार मोहम्मद यूनुस ने सोशल मीडिया के माध्यम से इस कार्रवाई की जानकारी साझा करते हुए कहा कि कानून – व्यवस्था बनाए रखना और दोषियों को न्याय के कटघरे में लाना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि बांग्लादेश में किसी भी प्रकार की सांप्रदायिक या भीड़ हिंसा को कतई बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
यूनुस के अनुसार , RAB-14 ने इस मामले में तेजी से कार्रवाई करते हुए सात संदिग्धों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार किए गए आरोपियों की पहचान इस प्रकार है –
. मोहम्मद लिमोन सरकार (19),
. मोहम्मद तारेक हुसैन,
. मोहम्मद मणिक मिया (20),
. इरशाद अली (39),
. निजुम उद्दीन (20),
. आलमगीर हुसैन (38) और
. मोहम्मद मिराज हुसैन अकोन (46)।
मोहम्मद यूनुस ने इस घटना को मानवता के खिलाफ अपराध करार देते हुए कहा कि यह केवल एक व्यक्ति पर हमला नहीं है , बल्कि समाज में सौहार्द और शांति को नुकसान पहुंचाने की साजिश है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि दोषियों के खिलाफ कानून के तहत सख्त से सख्त कार्रवाई की जाएगी और पीड़ित परिवार को हर हाल में न्याय दिलाया जाएगा।
गौरतलब है कि इससे एक दिन पहले मोहम्मद यूनुस के नेतृत्व वाली अंतरिम सरकार ने बयान जारी कर कहा था कि नए बांग्लादेश में ऐसी हिंसक घटनाओं के लिए कोई जगह नहीं है। सरकार ने स्पष्ट किया था कि इस तरह के जघन्य अपराध करने वालों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा।
स्थानीय मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार , बांग्ला ट्रिब्यून समाचार पोर्टल ने बताया कि गुरुवार को मयमनसिंह शहर में कथित ईशनिंदा के आरोप में दीपू चंद्र दास को भीड़ ने घेर लिया और पीट-पीटकर उसकी हत्या कर दी। इतना ही नहीं , हत्या के बाद भीड़ ने युवक के शव को आग के हवाले कर दिया, जिससे पूरे इलाके में दहशत फैल गई।
मुख्य सलाहकार की मीडिया टीम की ओर से जारी आधिकारिक बयान में कहा गया कि सरकार हिंसा , धमकी , आगजनी और संपत्ति के विनाश की सभी घटनाओं की कड़े शब्दों में निंदा करती है। बयान में नागरिकों से अपील की गई कि वे इस संवेदनशील समय में हिंसा , उकसावे और नफरत को पूरी तरह नकारें और सामाजिक शांति बनाए रखने में सहयोग करें।
फिलहाल सुरक्षा एजेंसियां इलाके में सतर्क हैं और स्थिति पर कड़ी नजर रखी जा रही है। सरकार का कहना है कि दोषियों को जल्द न्यायिक प्रक्रिया के तहत सजा दिलाई जाएगी। – Report by : वंशिका माहेश्वरी



