भारत – ओमान FTA पर हस्ताक्षर की तैयारी , मस्कट में होगा समझौता
भारत और ओमान के बीच आर्थिक संबंधों को और मजबूत करने की दिशा में एक अहम कदम उठाया जा रहा है। केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने ओमान के वाणिज्य , उद्योग और निवेश प्रोत्साहन मंत्री कैस बिन मोहम्मद अल यूसुफ से मुलाकात की , जिसमें द्विपक्षीय व्यापार और निवेश सहयोग को नई ऊंचाइयों तक ले जाने पर व्यापक चर्चा हुई। इस बैठक को दोनों पक्षों ने बेहद सकारात्मक और उत्पादक बताया।
पीयूष गोयल ने बातचीत के बाद कहा कि भारत और ओमान के बीच व्यापारिक और निवेश संबंध पहले से ही मजबूत हैं और भविष्य में इनके विस्तार की अपार संभावनाएं मौजूद हैं। इसी क्रम में बुधवार को एक वरिष्ठ अधिकारी ने जानकारी दी कि दोनों देशों के आर्थिक संबंधों को और गति देने के उद्देश्य से मस्कट में मुक्त व्यापार समझौते (FTA) पर हस्ताक्षर किए जाने की तैयारी है। यह समझौता दोनों अर्थव्यवस्थाओं के लिए एक नए अध्याय की शुरुआत माना जा रहा है।
सोशल मीडिया पर साझा किए गए संदेश में पीयूष गोयल ने कहा कि भारत और ओमान के बीच बढ़ता आर्थिक जुड़ाव प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और ओमान के सुल्तान हैथम बिन तारिक के नेतृत्व में आगे बढ़ रहा है। उन्होंने विश्वास जताया कि नेताओं की मौजूदगी में होने वाली आगामी वार्ताएं दोनों देशों के सभ्यतागत रिश्तों को गहरे आर्थिक सहयोग में बदलने का मार्ग प्रशस्त करेंगी।
यह बैठक ऐसे समय हुई है जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अपने तीन देशों के चार दिवसीय दौरे के अंतिम चरण में बुधवार को ओमान पहुंचे हैं। इससे पहले वह जॉर्डन और इथियोपिया की यात्रा पूरी कर चुके हैं। प्रधानमंत्री मोदी ओमान के सुल्तान हैथम बिन तारिक के विशेष निमंत्रण पर मस्कट पहुंचे हैं। इस दौरान दोनों नेताओं के बीच रणनीतिक साझेदारी को मजबूत करने के साथ – साथ वाणिज्यिक और आर्थिक क्षेत्रों में सहयोग के विस्तार पर भी चर्चा होगी।
यह यात्रा भारत और ओमान के बीच 70 वर्षों के राजनयिक संबंधों के लिहाज से भी बेहद महत्वपूर्ण मानी जा रही है। गौरतलब है कि इससे पहले सुल्तान हैथम बिन तारिक ने दिसंबर 2023 में भारत की राजकीय यात्रा की थी , जिससे द्विपक्षीय संबंधों को नई दिशा मिली थी।
आर्थिक आंकड़ों पर नजर डालें तो भारत और ओमान के बीच व्यापारिक रिश्ते लगातार मजबूत हो रहे हैं। वित्त वर्ष 2023 – 24 में दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय व्यापार 8.947 अरब डॉलर रहा , जो 2024 – 25 में बढ़कर 10.613 अरब डॉलर तक पहुंच गया। निवेश के मोर्चे पर भी दोनों देशों के संबंध मजबूत बने हुए हैं और वर्तमान में ओमान में 6,000 से अधिक भारत-ओमान संयुक्त उद्यम संचालित हो रहे हैं।
भारत से ओमान में कुल प्रत्यक्ष निवेश लगभग 675 मिलियन डॉलर है , जबकि अप्रैल 2000 से मार्च 2025 के बीच ओमान से भारत में 610.08 मिलियन डॉलर का प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (FDI) आया है। हालांकि , व्यापार संतुलन फिलहाल ओमान के पक्ष में बना हुआ है। वित्त वर्ष 2024 – 25 में भारत का व्यापार घाटा 2.48 अरब डॉलर रहा , जो पिछले वर्ष 94.37 मिलियन डॉलर था। इस अवधि में ओमान से भारत का आयात 44.8 प्रतिशत बढ़ा , जबकि भारत का निर्यात 8.1 प्रतिशत घटा।
ग्लोबल ट्रेड रिसर्च इनिशिएटिव (GTRI) की रिपोर्ट के अनुसार, प्रस्तावित भारत-ओमान व्यापक आर्थिक साझेदारी समझौते (CEPA) से भारत के औद्योगिक निर्यात को बड़ा प्रोत्साहन मिल सकता है। रिपोर्ट में कहा गया है कि वर्तमान में ओमान में कई उत्पादों पर आयात शुल्क शून्य से लेकर 100 प्रतिशत तक है, जबकि भारत से आने वाले 80 प्रतिशत से अधिक उत्पाद औसतन करीब 5 प्रतिशत शुल्क पर वहां प्रवेश करते हैं। CEPA के तहत इन शुल्कों को कम या समाप्त किए जाने से ओमान के बाजार में भारतीय उत्पादों की प्रतिस्पर्धात्मकता में उल्लेखनीय सुधार होने की उम्मीद है। – Report by : वंशिका माहेश्वरी



