फरीदाबाद में शिक्षा को डिजिटल बढ़ावा , प्राथमिक स्कूलों में स्मार्ट बोर्ड
नई शिक्षा नीति के तहत प्राथमिक शिक्षा को अधिक प्रभावी और आधुनिक बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाया जा रहा है। अब प्राथमिक विद्यालयों में पढ़ने वाले बच्चों की शिक्षा व्यवस्था को आधुनिक तकनीक से जोड़ा जाएगा। इस योजना के अंतर्गत स्मार्ट सिटी फरीदाबाद के प्राथमिक विद्यालयों में स्मार्ट बोर्ड और स्मार्ट टीवी लगाए जाएंगे , जिससे छात्रों को रोचक , इंटरएक्टिव और बेहतर तरीके से पढ़ाई कराई जा सके।
शिक्षा विभाग के अनुसार , इस योजना को नए शैक्षणिक सत्र की शुरुआत से पहले लागू करने की तैयारी है। इसका उद्देश्य बच्चों को शुरू से ही डिजिटल शिक्षा से जोड़ना और उनकी सीखने की क्षमता को मजबूत बनाना है। स्मार्ट बोर्ड की मदद से शिक्षक पाठ्यक्रम को वीडियो , एनिमेशन , चित्रों और डिजिटल कंटेंट के माध्यम से समझा सकेंगे , जिससे बच्चों की समझ और रुचि दोनों बढ़ेंगी।
प्रदेश सरकार पहले से ही एफएलएन यानी फाउंडेशनल लिटरेसी एंड न्यूमेरसी योजना के तहत प्राथमिक कक्षाओं में पढ़ने वाले बच्चों की बुनियादी शिक्षा को मजबूत करने पर जोर दे रही है। इस योजना के तहत बच्चों को गतिविधि आधारित और प्रयोगात्मक तरीके से पढ़ाया जा रहा है , ताकि वे पढ़ाई को बोझ नहीं बल्कि सीखने का आनंद समझें। अब स्मार्ट टीवी और डिजिटल संसाधनों के जुड़ने से इस प्रयास को और मजबूती मिलने की उम्मीद है।
डिजिटल कक्षाओं की शुरुआत के बाद पढ़ाई केवल किताबों तक सीमित नहीं रहेगी। बच्चे डिजिटल माध्यम से विषयों को बेहतर तरीके से समझ सकेंगे। गणित , विज्ञान और भाषा जैसे विषयों को ऑडियो – विजुअल कंटेंट के जरिए सरल और रोचक बनाया जाएगा। इससे बच्चों की कल्पनाशक्ति और विश्लेषण क्षमता का भी विकास होगा।
इस योजना के तहत केवल स्मार्ट बोर्ड ही नहीं , बल्कि रोबोटिक्स जैसी आधुनिक तकनीक सीखने के लिए प्रयोगशालाओं को भी मंजूरी दी गई है। इन प्रयोगशालाओं में बच्चे खगोल विज्ञान , रोबोटिक्स और तकनीकी नवाचारों से जुड़े प्रयोग कर सकेंगे। इससे छात्रों में वैज्ञानिक सोच और रचनात्मकता विकसित होगी। सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले बच्चों को भी अब आधुनिक शिक्षा का अनुभव मिलेगा , जो अब तक निजी स्कूलों तक सीमित माना जाता था।
वर्तमान स्थिति की बात करें तो फरीदाबाद जिले में 200 से अधिक प्राथमिक विद्यालय संचालित हो रहे हैं , जहां अभी तक पारंपरिक शिक्षण पद्धतियों से ही पढ़ाई कराई जा रही है। जिले के किसी भी सरकारी प्राथमिक विद्यालय में फिलहाल स्मार्ट टीवी या डिजिटल बोर्ड की सुविधा उपलब्ध नहीं है। ऐसे में यह पहल छात्रों और शिक्षकों दोनों के लिए एक नया और प्रेरणादायक अनुभव साबित होगी।
शिक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि डिजिटल क्लासरूम की सुविधा से सरकारी स्कूलों में शिक्षा की गुणवत्ता में उल्लेखनीय सुधार आएगा। इससे बच्चों को भविष्य की प्रतियोगी परीक्षाओं और करियर निर्माण में भी मदद मिलेगी। कुल मिलाकर , यह योजना फरीदाबाद के प्राथमिक विद्यालयों में शिक्षा को नई दिशा देने और बच्चों को भविष्य के लिए तैयार करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है। – Report by : वंशिका माहेश्वरी



