उडुपी श्री कृष्ण मठ में PM मोदी ने किए दर्शन
उडुपी , कर्नाटक : शुक्रवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने तीसरे दौरे में उडुपी के ऐतिहासिक श्री कृष्ण मठ का दौरा किया। यह दौरा खासतौर पर धार्मिक और आध्यात्मिक महत्व का रहा , क्योंकि प्रधानमंत्री ने यहाँ आयोजित ” लक्ष गीता पाठन ” में भाग लिया। यह कार्यक्रम विशाल श्रद्धालुओं का एक सामूहिक पाठ था , जिसमें एक लाख से अधिक लोगों ने भगवद् गीता के श्लोकों का पाठ किया। इस आयोजन का उद्देश्य भारत की धार्मिक परंपराओं को मजबूत करना और युवाओं सहित सभी वर्गों में धर्म एवं अध्यात्म के प्रति जागरूकता फैलाना था।
यह सामूहिक पाठ भारत में अपनी तरह का अनूठा आयोजन है , जो देशभर के श्रद्धालुओं का ध्यान गीता में निहित जीवन मूल्यों की ओर आकर्षित करता है। प्रधानमंत्री मोदी ने इस कार्यक्रम में भाग लेकर श्रद्धालुओं का उत्साह बढ़ाया। उन्होंने कहा कि भगवद् गीता का संदेश आज भी हमारे जीवन में प्रासंगिक है और यह विश्व को सद्भाव और अध्यात्म का पाठ पढ़ाता है। पाठ के दौरान , पीएम मोदी ने भगवद् गीता के श्लोकों का पाठ भी किया , जिससे इस आयोजन का आध्यात्मिक असर दोगुना हो गया।
इसके बाद , प्रधानमंत्री ने श्री कृष्ण मंदिर में पूजा अर्चना की। उन्होंने भगवान कृष्ण के चरणों में श्रद्धा सुमन अर्पित किए और मंदिर के पुजारियों से आशीर्वाद प्राप्त किया। इस मौके पर , उन्होंने मंदिर में मौजूद श्रद्धालुओं से संवाद भी किया। प्रधानमंत्री ने कहा कि यह स्थल भारत की धार्मिक विरासत का प्रतीक है और यहाँ आकर उन्हें अपनी आध्यात्मिक यात्रा का अनुभव हुआ।
यह पीएम मोदी का उडुपी में तीसरा दौरा है। पहली बार वह 1993 में अपने शुरुआती राजनीतिक जीवन के दौरान उडुपी आए थे। उसके बाद , 2008 में जब वह गुजरात के मुख्यमंत्री थे , तब भी उन्होंने यहाँ का दौरा किया था और श्री कृष्ण मंदिर का दर्शन किया था। इस बार , वह फिर से आए हैं , जो उनके तीसरे दौरे के रूप में इतिहास में दर्ज हुआ है। उनके इस दौरे की महत्ता इसलिए भी अधिक है कि इससे कर्नाटक के सबसे प्रतिष्ठित तीर्थ स्थलों में से एक और 13वीं शताब्दी के दार्शनिक श्री माधवाचार्य की आध्यात्मिक परंपरा की पहचान फिर से उजागर हुई है।
प्रधानमंत्री के दौरे से पहले , उडुपी जिले के अधिकारियों ने व्यापक स्तर पर तैयारियां की। मंदिर परिसर , आस – पास की सड़कों , और सार्वजनिक स्थलों को श्रद्धालुओं के आने – जाने के लिए सुव्यवस्थित किया गया। इसके साथ ही , मेडिकल टीम , इमरजेंसी रिस्पांस यूनिट और स्वयंसेवी समूह को भी मौके पर तैनात किया गया , ताकि किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटा जा सके। सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत बनाने के साथ – साथ , स्थानीय प्रशासन ने श्रद्धालुओं की सुविधा का पूरा ध्यान रखा।
प्रधानमंत्री मोदी के इस दौरे को सांस्कृतिक और आध्यात्मिक दृष्टिकोण से देखा जाए तो यह उडुपी की धार्मिक विरासत को नई ऊंचाइयों पर ले गया। यह क्षेत्र , जो वैष्णववादी परंपराओं का केंद्र रहा है , अब फिर से देश – दुनिया के ध्यान में आ गया है। श्रद्धालु यहां आकर अपने जीवन में अध्यात्म का संचार कर रहे हैं , और यह दौरा इस क्षेत्र की सांस्कृतिक और धार्मिक पहचान को मजबूत करने का एक माध्यम बना है।
प्रधानमंत्री मोदी का उडुपी दौरा , जिसमें उन्होंने ” लक्ष गीता पाठन ” में भाग लिया और श्री कृष्ण मंदिर में पूजा की , भारत की धार्मिक परंपराओं का उत्सव बन गया। यह आयोजन न केवल श्रद्धालुओं के लिए प्रेरणा का स्रोत है बल्कि भारत की सांस्कृतिक विरासत का भी प्रतीक है। आने वाले वर्षों में , यह स्थल अपनी आध्यात्मिक महत्ता के साथ और भी अधिक प्रसिद्धि हासिल करेगा , और देश – विदेश से श्रद्धालु यहां की भव्य परंपराओं का लाभ उठाने आएंगे। – Report by : वंशिका माहेश्वरी



