Facebook Twitter Instagram youtube youtube

शेख हसीना का ताजा बयान : मौत की सजा पर कहा , यह पक्षपातपूर्ण और राजनीति से प्रेरित है

 शेख हसीना का ताजा बयान : मौत की सजा पर कहा , यह पक्षपातपूर्ण और राजनीति से प्रेरित है
Spread the love

बांग्लादेश की राजनीति में एक बड़ा मोड़ आया है , जब विशेष न्यायाधिकरण ने पूर्व प्रधानमंत्री और अपदस्थ नेता शेख हसीना को मानवता के खिलाफ अपराधों के मामले में दोषी ठहराते हुए मौत की सजा सुनाई है। यह फैसला देशभर में राजनीतिक गर्माहट ला चुका है , और शेख हसीना ने तुरंत ही इस फैसले पर अपनी प्रतिक्रिया दी है।

शेख हसीना ने इस फैसले को पूरी तरह से पक्षपाती और राजनीति से प्रेरित बताया है। अपने बयान में उन्होंने कहा , ” मेरे खिलाफ सुनाए गए ये फैसले एक धांधली वाले न्यायाधिकरण द्वारा दिए गए हैं, जिसकी स्थापना और अध्यक्षता एक अनिर्वाचित सरकार ने की है, जिसके पास कोई लोकतांत्रिक जनादेश नहीं है। ” उन्होंने आरोप लगाया कि यह न्यायाधिकरण पक्षपाती और राजनीतिक उद्देश्य से प्रेरित है , और इसमें न तो अंतरराष्ट्रीय मानकों का पालन किया गया है और न ही यह निष्पक्ष है।

सोमवार को , विशेष न्यायाधिकरण ने शेख हसीना सहित तीन पूर्व नेताओं को मानवता के खिलाफ अपराधों के पांच मामलों में दोषी पाया और उन्हें फांसी की सजा सुनाई। इस फैसले में उनके खिलाफ लगाए गए आरोपों में शामिल हैं , छात्र आंदोलन को कुचलने की कोशिश , जुलाई 2023 में सुरक्षा बलों की कार्रवाई जिसमें लगभग 1400 लोगों की मौत , और राजनीतिक विरोधियों के खिलाफ हिंसक कार्यवाहियों का मास्टरमाइंड होने के आरोप।

शेख हसीना पर आरोप था कि उन्होंने अपने कार्यकाल में छात्रों और नागरिकों के आंदोलन को दबाने के लिए हिंसा का सहारा लिया। अभियोजन पक्ष ने दावा किया कि इन कार्रवाइयों में निर्दोष नागरिकों की जानें गईं , और यह सब उनके नेतृत्व में हुआ। वहीं , शेख हसीना और उनकी पार्टी का दावा है कि इन आरोपों का राजनीतिक प्रतिशोध के अलावा कोई मकसद नहीं है।

बांग्लादेश में इस फैसले के बाद तनाव का माहौल बना हुआ है। सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है , और देशभर में विरोध प्रदर्शन तेज हो गए हैं। अवामी लीग ने इस फैसले के विरोध में बंद का आह्वान किया है और कहा है कि यह न्याय नहीं बल्कि राजनीतिक उत्पीड़न है।

शेख हसीना ने कहा है कि यह फैसला अंतरराष्ट्रीय मानकों से पूरी तरह से मेल नहीं खाता। उनका तर्क है कि न्यायाधिकरण के निर्णय में कोई निष्पक्षता नहीं है और इसमें केवल राजनीतिक विरोधियों को ही निशाना बनाया गया है।

बांग्लादेश में इस निर्णय ने राजनीतिक हलचलें तेज कर दी हैं। जहां एक ओर सरकार का दावा है कि यह कदम न्यायिक प्रक्रिया का हिस्सा है , वहीं विपक्ष और शेख हसीना के समर्थक इसे राजनीतिक उत्पीड़न मान रहे हैं। आने वाले दिनों में इस मसले पर देशव्यापी बहस और आंदोलन की संभावना है।

यह मामला बांग्लादेश की राजनीति और न्याय व्यवस्था दोनों के लिए एक महत्वपूर्ण परीक्षा साबित हो सकता है , और देखने वाली बात होगी कि आगे क्या कदम उठते हैं। – Report by : वंशिका माहेश्वरी

 

 

Related post

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *