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एकनाथ शिंदे , अनुप्रिया पटेल , जयंत चौधरी की एकता का प्रदर्शन

 एकनाथ शिंदे , अनुप्रिया पटेल , जयंत चौधरी की एकता का प्रदर्शन
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नई दिल्ली : बिहार विधानसभा चुनाव में राष्ट्रीय लोकतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) ने अपनी मजबूत एकता और सामूहिक शक्ति का प्रदर्शन कर एक बार फिर यह संकेत दे दिया है कि वह पूरी ताकत के साथ चुनावी मैदान में उतरने को तैयार है। यहाँ की राजनीति में एनडीए का यह प्रयास केवल बिहार तक ही सीमित नहीं है , बल्कि पूरे देश में उसकी एकजुटता और ताकत का संदेश फैलाने का प्रयास है।

बिहार में एनडीए की पाँच प्रमुख पार्टियों – भाजपा , जदयू , लोक जनशक्ति पार्टी (एलजेपी) , वामदल और अपना दल (एस) – मिलकर चुनाव लड़ रही हैं। इन सभी दलों ने मिलकर चुनावी मोर्चा संभाला है और खुद को पांडव की तरह प्रस्तुत किया है। सीट बंटवारे को लेकर विरोधी गठबंधन को कड़ा मुकाबला देते हुए , एनडीए ने प्रचार , संगठन और संसाधनों का सटीक तालमेल और समन्वय स्थापित किया है। इस एकता का मकसद यह दिखाना है कि बिहार में एनडीए एक मजबूत और स्थिर गठबंधन है , जो जनता का विश्वास जीतने के लिए पूरी तरह तैयार है।

यह एकता का संदेश केवल बिहार तक ही सीमित नहीं है। एनडीए का उद्देश्य पूरे देश में अपनी ताकत का प्रदर्शन करना है। इसके लिए , बीजेपी ने अपने घटक दलों को बिहार चुनाव में उतारा है , जिनकी राज्य में पहले उपस्थिति नहीं थी। इससे स्पष्ट होता है कि एनडीए का लक्ष्य पूरे देश में अपनी पकड़ मजबूत करना है।

बिहार चुनाव में एनडीए के समर्थन में विभिन्न राज्यों के नेताओं ने सक्रिय भागीदारी की है। महाराष्ट्र से शिवसेना के प्रमुख और उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने चुनाव प्रचार में हिस्सा लिया। उन्होंने एनडीए के उम्मीदवारों के लिए रैलियों को संबोधित किया और अपने समर्थन का संदेश दिया। वहीं , उत्तर प्रदेश के दो प्रमुख सहयोगी दल – अपना दल (एस) की नेता और केंद्रीय मंत्री अनुप्रिया पटेल , और राष्ट्रीय लोकदल (RLD) के नेता जयंत चौधरी – ने भी प्रचार में भाग लिया। दोनों नेताओं ने बिहार में जनसभाओं को संबोधित कर अपनी पार्टी के समर्थन का संकेत दिया।

इसके अतिरिक्त , आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री एन चंद्रबाबू नायडू के पुत्र और टीडीपी के महासचिव नारा लोकेश भी बिहार में एनडीए के समर्थन में प्रचार के लिए पहुंच रहे हैं। वे एक प्रेस कांफ्रेंस भी करेंगे , जिसमें वे एनडीए की मजबूती और पूरे देश में उसकी एकता का संदेश देंगे। इन सभी प्रयासों का उद्देश्य यह दिखाना है कि एनडीए न केवल बिहार में बल्कि पूरे देश में मज़बूती से खड़ा है। सभी सहयोगी दल एक – दूसरे के साथ चट्टान की तरह खड़े हैं और मिलकर सरकार बनाने के लक्ष्य की ओर बढ़ रहे हैं।

बिहार चुनाव में एनडीए की यह एकता और सामूहिक शक्ति पूरे देश के राजनीतिक समीकरण को प्रभावित कर सकती है। यह दिखाता है कि भाजपा और उसके सहयोगी दल न केवल बिहार में बल्कि पूरे देश में अपना वर्चस्व स्थापित करने के लिए पूरी तरह सजग हैं। चुनाव परिणाम चाहे जो भी हो , यह स्पष्ट है कि एनडीए का यह समर्पित और एकजुट प्रयास उसकी ताकत का प्रतीक है , जो आने वाले समय में भारतीय राजनीति में नई दिशा निर्देशित कर सकता है। – Report by : वंशिका माहेश्वरी

 

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