सीजेआई सूर्यकांत के शपथ समारोह में राहुल गांधी की गैरहाजिरी पर बीजेपी का तंज
दिल्ली: देश के मुख्य न्यायाधीश (सीजेआई) सूर्यकांत के शपथ ग्रहण समारोह में कांग्रेस नेता राहुल गांधी की अनुपस्थिति को लेकर राजनीतिक गरमाहट तेज हो गई है। बीजेपी ने इस घटना को ‘कर्तव्य के प्रति लापरवाही’ करार देते हुए कांग्रेस पर तीखा हमला बोला है। बीजेपी का कहना है कि राहुल गांधी जैसे नेताओं को अपने कर्तव्य का सम्मान करना चाहिए, विशेषकर जब देश के सर्वोच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश का शपथ ग्रहण हो रहा हो।
शपथ ग्रहण समारोह में कांग्रेस नेता राहुल गांधी की अनुपस्थिति को लेकर बीजेपी प्रवक्ता ने कहा, “यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि राहुल गांधी ने अपने कर्तव्य और सम्मान का पालन नहीं किया। जब देश के सर्वोच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश का शपथ ग्रहण हो रहा हो, तो वहां मौजूद रहना प्रत्येक नागरिक का कर्तव्य होता है। उनका अनुपस्थित रहना न केवल लापरवाही है बल्कि देश के प्रति उनकी जिम्मेदारी का भी अभाव है।”
बीजेपी का आरोप है कि राहुल गांधी की यह लापरवाही उनकी जिम्मेदारियों के प्रति उदासीनता को दर्शाती है। पार्टी का कहना है कि ऐसे अवसरों पर नेताओं का उपस्थित रहना आवश्यक है, ताकि वे देश की न्यायपालिका और लोकतंत्र के प्रति अपने सम्मान का प्रदर्शन कर सकें। बीजेपी ने यह भी कहा कि कांग्रेस की यह गैरहाजिरी देश की संस्थाओं के प्रति उनकी अनदेखी को दर्शाती है, जो लोकतंत्र के लिए खतरनाक है।
वहीं, कांग्रेस ने इस मुद्दे पर सफाई देते हुए कहा है कि राहुल गांधी व्यक्तिगत कारणों से शपथ ग्रहण में उपस्थित नहीं हो सके। कांग्रेस के सूत्रों का कहना है कि राहुल गांधी ने अपने कार्यकर्ताओं और पार्टी के वरिष्ठ नेताओं को इस बारे में सूचित किया है। कांग्रेस का यह भी तर्क है कि पार्टी के नेताओं का व्यक्तिगत जीवन भी सम्मानित है और सभी आवश्यक जिम्मेदारियों का निर्वहन किया जा रहा है।
बहरहाल, इस घटना ने राजनीतिक गलियारों में नई बहस छेड़ दी है। विपक्षी दलों ने बीजेपी के आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि राहुल गांधी का गैरहाजिरी का मुद्दा व्यक्तिगत है और इसे राष्ट्रीय महत्व नहीं देना चाहिए। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी अपने कार्यों और विचारधारा के प्रति प्रतिबद्ध हैं, और उनकी अनुपस्थिति का कोई राजनीतिक मतलब नहीं है।
वहीं, राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि इस तरह की घटनाएं जनता के बीच नेताओं की जिम्मेदारी और शिष्टाचार संबंधी धारणा को प्रभावित कर सकती हैं। देश में लोकतंत्र और अदालतों के प्रति सम्मान बनाए रखने के लिए नेताओं का उपस्थित रहना आवश्यक है। इस पूरे घटनाक्रम ने एक बार फिर से देश की राजनीतिक परिदृश्य में हलचल पैदा कर दी है। राहुल गांधी की अनुपस्थिति पर राजनीतिक हलचल जारी रहेगी, और दोनों पक्ष अपनी-अपनी बातों को मजबूती से रखेंगे। देश के लोकतंत्र में नेताओं की जिम्मेदारी और आचार संहिता का पालन महत्वपूर्ण है,



